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वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ विकार की पहचान के लिठये ज़रूरी है कि वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ à¤à¤• सतत तय अवधि के दौरान और विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ सामाजिक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में à¤à¤• ही जैसे लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ का पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ करता है.
उदाहरणः असामाजिक वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ विकार वाले लोगों में दूसरों के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ à¤à¤• रूखा वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° देखा जाता है, वे संवेदनहीन होते हैं और दूसरों का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² अपना काम निकालने या फ़ायदा हासिल करने के लिठकरते हैं. à¤à¤• à¤à¤¸à¥‡ आदमी का मामला लें जो दफ़à¥à¤¤à¤° में बहà¥à¤¤ आकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• और जà¥à¤—ाड़ में माहिर है. वो इतना महतà¥à¤¤à¥à¤µà¤¾à¤•ांकà¥à¤·à¥€ होता है कि सफल होने के लिठदूसरों का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने के बारे में सोचता à¤à¥€ नहीं.
वो काम निकालने के लिठशॉरà¥à¤Ÿà¤•ट अपनाता है और अपने आसपास के लोगों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में उसमें कोई नैतिकता या विवेक नहीं होता- उसके लिà¤, ईमानदारी से बढ़कर है सफलता. घर पर, फिर à¤à¥€, उसका वà¥à¤µà¤µà¤¹à¤¾à¤° बहà¥à¤¤ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ अलग हो सकता है, वो अपने परिवार के साथ अचà¥à¤›à¥‡ ढंग से रहता है, और उनसे à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• रूप से सही पà¥à¤°à¤•ार जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ रहता है.
उपरोकà¥à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का कारà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¥à¤² पर वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° ये बता सकता है कि वो असामाजिक वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ विकार से पीड़ित है, लेकिन ये आकलन सही नहीं है. वो असामाजिक वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ विकार से पीड़ित है या नहीं, ये पता लगाने के लिठउसमें हर जगह और हर अवसर पर बेरà¥à¤–़ी, संवेदनहीनता, चालाकी और अनादर की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ वैसी ही रहनी चाहिà¤. यानि जो वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° उसका दफ़à¥à¤¤à¤° में है, वही उसका घर पर, दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के बीच और दूसरी सामाजिक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के दौरान रहना चाहिà¤.
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